15 सितंबर 2020 - 12:51
चोट से पहले अमरीका का दर्द, अभी तो ट्रेलर दिखाया है, अभी से इतनी बौखलाहट, क़ीमत तो चुकानी ही होगी...

अमरीका अब भी ईरान की ओर से जनरल क़ासिम सुलैमानी का बदला लिए जाने पर बहुत चिंतित है और उसकी यह चिंता तब तक जारी रहेगी तब तक क्षेत्र में उसके एक भी सैनिक मौजूद होंगे।

यह चिंता इतनी ज़्यादा है कि अमरीकी समाचार पत्र पोलेटिको ने ईरान के विरुद्ध ज़हर उगलते हुए जनमत का ध्यान भटकाने की कोशिश की और तथाकथित ख़ुफ़िया हवालों से रिपोर्ट दी कि ईरान, जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या का बदला लेने के लिए दक्षिणी अफ़्रीक़ा में अमरीका के राजदूत की हत्या की योजना बना रहा है।

आइये इस दावे पर कुछ आयाम से नज़र डालते हैं।

दुनिया में अमरीका के सारे राजदूतों की अहमियत, जनरल क़ासिम सुलैमानी के जूते जैसी भी नहीं है कि ईरान उनकी हत्या करे।

ईरान ने कभी किसी कूटनयिक की हत्या नहीं की और हमेशा से ही कूटनयिक मानकों यहां तक कि परमाणु समझौते में अमरीका और यूरोप के उल्लंघनों के बावजूद प्रतिबद्ध रहा।

जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या का ईरान बदला तो ज़रूर लेगा और इस अपराध को कभी भी नहीं भूल सकता जिसका ट्रेलर तो उसने इराक़ की एनुल असद छावनी पर मीज़ाइलों की बारिश करके दिखा दिया था।

अमरीकी सेना के कमान्डर और जनरल और अमरीकी राजनेता, यद्पि जनरल सुलैमानी के स्तर के नहीं हैं, लेकिन उन्हें जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या की क़ीमत अदा करनी होगी।

ईरान का जवाब इतना करारा और मुंहतोड़ होगा कि फिर अमरीकी अधिकारी क्षेत्र में मतभेद फैलाने और क्षेत्र की संपत्ति को लूटने के लिए अपने अपराधी सैनिकों को क्षेत्र में रवाना करने से पहले हज़ार बार सोचेंगे।

जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या का जवाब तब तक जारी रहेगा जब तक क्षेत्र में अमरीका का एक भी सैनिक मौजूद है और तब तक क्षेत्र में मौजूद अमरीकी कमान्डरों को डरावने सपने आते रहेंगे, उन्हें जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या की क़ीमत तो चुकानी ही होगी।